सहारा

1 भाग

364 बार पढा गया

36 पसंद किया गया

 ना कोई दोस्त मिला आप सा,  ना मुझे समझने वाला ! आप हमेशा जो थे साथ , ना परवाह की इस दुनिया की ! जब से हुईं हूं दूर आपसे , ...

×