Gunjan Kamal

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अधूरे जज़्बात भाग :- ८ " दिल का जुड़ाव "

                                भाग :- ८    " दिल का जुड़ाव " 

कुछ बातें ऐसी होती हैं जिसे व्यक्ति सुनकर भी अनसुना कर देता है , वह उससे दिल से जुड़ना नहीं चाहता क्योंकि वह जानता है कि यह जुड़ाव आगे चलकर उसके लिए मुश्किलें पैदा कर सकता हैं , उसकी राह में रोड़े ला सकता है अरण्या भी तों यही कर रही थी

सुजाॅय तों अपनी ऑंखों का धोखा समझ अपने दिल की बातें उस लड़की से कह गया वह नही जानता था कि वह लड़की और कोई नहीं बल्कि अरण्या ही थी लेकिन अरण्या  तों इस बात को जानती थी पहले दिन से ही सुजाॅय की ऑंखो में उसने प्यार देख लिया था और आज तों सुजाॅय ने उसे एक अनजान लड़की समझ अपने दिल की बातें भी कह दी थी
सब कुछ जानते हुए भी वह चुप थी ना तो उसने इस बात की जानकारी पहली बार सुजाॅय से मिलने के बाद शिविका को दी थी और ना ही आगे वह देना चाहती थी

सुजाॅय को खुश और आत्मविश्वास से लबरेज देख मनोज को आत्मसंतुष्टि हुई पिछले दिनों से वह अपने आप को अपने जिगरी दोस्त सुजाॅय का गुनहगार जों मान रहा था और यही बातें उसके दिल को हर पल कचोट रही थी

सुजाॅय को उसने कल भी कुछ अलग महसूस किया था , उसकी ऑंखो में चमक देखी थी लेकिन कल वह समझ नहीं पाया था उसे लगा था कि उसके खुद के ठीक होने की खुशी ही उसकी ऑंखो में दिख रही है
आज अपने जिगरी दोस्त की खुशी और ऑंखो की चमक कुछ और ही बयां कर रही थी इसका अंदाजा उसे लग चुका था देरी थी तों सिर्फ सुजाॅय के मुख से कहने की जिसके लिए उसे इंतजार नहीं हों रहा था उसने सुजाॅय से कहा :- " कल तुम आएं तों थे मुझसे मिलने लेकिन जल्दी ही चलें गए थे ऐसा क्यों ?

' तुम्हें मैंने बताया तों था ही कि पापा की शर्त के मुताबिक मुझे एक लड़की से तीन बार डेट्स पर जाना हैं ।'  सुजाॅय ने कहा

' और साथ ही यह भी बताया था कि अगर वह लड़की तुमसे शादी करने के लिए इंकार कर दें तों तुम्हें उससे शादी नहीं करनी पड़ेगी और वह लड़की शादी करने के लिए मना कर दें इसके लिए तुम खुद ही अपनी छवि बिगाड़ने की हरसंभव कोशिश करते रहोगे ।'
मनोज ने मुस्कराते हुए कहा।

' तुमने सही कहा ! मैंने भी यही सोचा था लेकिन ....
सुजाॅय कहते - कहते रूक गया

' लेकिन क्या यार ?मनोज ने चिंतित स्वर में कहा

' अब मैं नहीं चाहता कि वह लड़की शादी से इंकार करें , उसकी बड़ी-बड़ी ऑंखें जब मुझे देखा करती है तों मैं अपने आप को दुनिया का सबसे खुशनसीब लड़का समझता हूॅं उसकी नेक दिली और सेवा - भाव ने पहली नजर में ही मेरा दिल चुरा लिया इतने बड़े बिजनेसमैन की बेटी होकर भी उसके दिल में गरीबों के लिए प्यार, अपनापन और हमदर्दी देखकर मेरी ऑंखें हर पल  हर क्षण उसका दीदार चाहने लगी हैं मैं अपनी किस्मत पर इतराने लगा हूॅं जिस पिता को आज तक मैं अपना दुश्मन समझ उनकी बातें नकारता रहा था उसी पिता ने मुझे उस लड़की लड़की से मिलवाया उनके लिए मेरी शादी सिर्फ  शर्त ही सही लेकिन उन्होंने मेरी जिंदगी से मुलाकात कराने में अहम भूमिका निभाई है' सुजाॅय ने मनोज का हाथ पकड़ कर कहा

' मेरे  दोस्त  को  तों  इश्क वाला  लव  हों  गया  है ।'  मनोज ने  शरारती अंदाज में कहा

' यह इश्क़ वाला लव है या कुछ और यह तों मैं नहीं जानता लेकिन उसको हर पल अपने करीब महसूस करने लगा हूॅं वह आस-पास नही भी होती हैं तब भी वह मुझे दिखती है यहां भी इस अस्पताल में वह मुझे दिखाई दे रही थी हालांकि मैं जानता हूॅं कि यह मेरा वहम था जब से उससे मिल कर आया हूॅं उसके रंग में रंगने का ही जी चाहता है जों भी वह कहती हैं करने का दिल चाहता है मैं तो उससे रोज़ मिलना चाहता हूॅं लेकिन उसे दूसरी डेट पर आने के लिए कुछ समय चाहिए ।'    सुजाॅय ने कहा

' मेरा दोस्त तों सच्चे प्यार में पड़ गया लगता है ऐसा तों बिल्कुल भी मेरा दोस्त नहीं था लगता है यह लड़का जों मेरे ‌सामने बैठा है वह मेरा दोस्त सुजाॅय नहीं बल्कि कोई और हैं ।'  मनोज ने चिढ़ाते हुए कहा !

' लें लो मज़े ! जितनी बार चाहों उतनी बार मेरा मजाक उड़ा लों मैं कुछ नहीं बोलता ।'  सुजाॅय ने मुॅंह फुलाते हुए कहा्

' मेरा वह मतलब नहीं था , मैं तों तुम्हें छेड़ रहा था ।' क्या अब मेरा इतना भी हक नहीं   मनोज ने कहा

' हक की बात मत कर यारा ! तुम्हें तों मैंने सबसे ऊपर का दर्जा दिया हैं मैं भी तो तुमसे ही यह सब बातें कहकर अपने दिल के जज्बातों को कहने की हिम्मत जुटा रहा है तुम्हें तों मालूम है मेरे दिल का हाल ! मैं सब-कुछ उसे जाकर कह नहीं सकता इसलिए तुम्हें कह रहा था ।'  सुजाॅय ने मुस्कराते हुए अपने दोस्त मनोज से कहा

क्रमशः

" गुॅंजन कमल " 💗💞💓

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11 Comments

Chirag chirag

02-Dec-2021 09:14 PM

Nice story

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Naymat khan

30-Nov-2021 01:29 AM

Amazing'

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Fiza tanvi

29-Nov-2021 04:30 PM

Good

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