Gunjan Kamal

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अधूरे जज़्बात भाग :- ५

  भाग :-

मोहब्बत, इश्क़ और प्यार !  हम इस एहसास को कोई भी नाम दें दे , यह  ऐसे लफ्ज़  होते  हैं जो हर सदी में ज़िंदा रहने की सलाहियत रखते हैं और इसी एहसास को सुजाॅय अपने भीतर महसूस करने लगा था ।  स्कूल से लेकर काॅलेज तक के सफर में  कितनी ही लड़कियों ने उसका साथ चाहा था लेकिन आज पहली बार उसके दिल ने उस लड़की के साथ की तमन्ना की थीं । उस लड़की की एक अनजान बुजुर्ग के प्रति सेवाभाव ने सुजाॅय का दिल जीत लिया था । वह लड़की पहली ही नजर में उसके दिल में उतर गई थी और वह  उसे अपलक निहारता रहा और अपने दिल में उतारता रहा ।  वह अभी तक वहीं उसी सड़क पर उस लड़की को निहारता रहता अगर कुछ देर पहले उसके डैडी ( पिता )  ने  उसे फोन कर  उसके  रेस्टोरेंट  पहुॅंचने के बारे में ना पूछा होता ।

सुजाॅय बैठा तों था  एक ऐसी लड़की से मिलने के लिए जिससे  उसे शर्त के अनुसार शादी करनी थी । वह इस शादी से तभी बच सकता था जब वह लड़की इंकार कर देती ।

' मुझे कैसे भी करके  मिस्टर मेहता की  लड़की से मुझसे  शादी नहीं करने के लिए बुलवाना होगा । मैं ऐसी लड़की से शादी नहीं कर सकता जिससे मैं प्यार नहीं करता । प्यार .. पहली नजर में प्यार  तों मुझे इस लड़की से हुआ है लेकिन .. ।'   सुजाॅय ने मन ही मन में कहा ।

व्यक्ति के सामने कभी - कभी ऐसी परिस्थिति होती है जब उसका दिल कुछ और कह रहा होता है और उसे परिस्थितियों के अनुसार कुछ और करना होता है । सुजाॅय का दिल उस अनजान लड़की को अपने करीब महसूस करने लगा था लेकिन अपने पिता के   शर्त  के मुताबिक  उसे शादी तों किसी और ही लड़की  से करनी थी ।

' आप ही मिस्टर सुजाॅय हैं ‌?'  एक लड़की की आवाज सुनकर सुजाॅय ने अपना सिर ऊपर उठाया ।

' जी ... मैं ही ..     हकलाते हुए सुजाॅय ने कहा ।

' ओ.के ! यही नाम तों बतलाया गया था और साथ में आपकी तस्वीर भी तो थी ।   वाइ द वे ,   हाय ! आई . एम. अरण्या ।'      कुर्सी खींच कर बैठते हुए अरण्या ने सुजाॅय की तरफ देखते हुए कहा ।

' मेरे दिल की आवाज ईश्वर ने बिना कहे ही सुन ली , जिस लड़की ने मेरा दिल चुराया उसी से मेरी शादी की बात चल रही है , कितना खुशकिस्मत हूॅं  मैं ? ।'
सुजाॅय ने खुश होकर खुद से कहा ।

' अरण्या  !  डैडी ने तो मिस्टर मेहता की बेटी का नाम शिविका बताया था और यह अरण्या बता रही हैं ।'  सोचते हुए  सुजाॅय ने मन‌ ही मन में कहा।

' मुझे तो शिविका से मिलने के लिए बुलाया गया था और आप अपना नाम अरण्या बता रही हैं । कही आप किसी और को तों नहीं ढूंढ रही मिस अरण्या ? '
सुजाॅय ने अरण्या से कहा ।

अरण्या को अपनी गलती का एहसास होने लगा  लेकिन उसने अपनी गलती  सुधारने में देर नहीं की और तुरंत ही सुजाॅय से कहा :- " मैं अरण्या और शिविका एक ही तों हैं , मेरा मतलब है कि शिविका मैं बाहरवालों के लिए हूॅं और अरण्या घरवालों के लिए । मुझे माफ़ करें आप ! मैंने अपने  घर का नाम आपको बता दिया ।

' कोई बात नहीं ! अक्सर हम प्यार से कहें गए नाम को ही अपनी जुबां पर लाते हैं और आपके घरवालें आपको प्यार से अरण्या कहते हैं तों मैं भी ‌आपको आज से अरण्या ही कहूंगा ।'   सुजाॅय ने मुस्कराते हुए कहा।

अरण्या को भी किसी तरह सुजाॅय से शादी नहीं करने के लिए उसके मुख से  ना बुलवानी  थी  ताकि शिविका और सुजाॅय की शादी नहीं हो सकें । इसी काम को अंजाम देने के लिए ही तों वह आज इस रेस्टोरेंट में सुजाॅय के सामने हैं ।

अरण्या नहीं जानती थी कि सुजाॅय ने तो उसे कब का अपने मन मंदिर में बिठा कर अपने दिल की देवी बना दिया है , वह तो सुजाॅय को अपने व्यवहार द्वारा  ऐसा दिखा रही थी कि  वह उसमें इंटरेस्टेड है ही नहीं

कुछ देर पहले तक जो सुजाॅय इस शादी के लिए ना करने के बहाने ढूंढ रहा था अब वह ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहा था कि किसी तरह अरण्या अपने पिता को शादी के लिए हाॅं कर दें ।

किसी के दिल की चाहत यदि पूरी हों जाएं तो उस चाहत को वह अपना मान‌ उसके साथ  भविष्य के सपने संजोने लगता  हैं । सुजाॅय की चाहत अब  अरण्या बन चुकी थी और वह उसके साथ की कल्पना कर भविष्य के सपने बुनने लगा था ।

अरण्या की चाहत तों सिर्फ उसका डाॅक्टर बनना था जिसे परिस्थितियों ने कभी उसके पास जाने तक का सफर स्वप्न में भी पूरा नहीं कराया था । आज शिविका ने उसे वहाॅं तक पहुॅंचने की पहली सीढ़ी दिखाई थी और उससे वादा भी किया था वह उसके स्वप्न को पूरा करने में उसकी मददगार बनेगी बशर्ते उसे भी उसकी मददगार बन इस शादी को होने से रोकनी  थी ।

क्रमशः

" गुॅंजन कमल " 💓💞💗

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5 Comments

Fiza tanvi

29-Nov-2021 04:28 PM

Good

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Sana khan

28-Aug-2021 04:46 PM

Waah

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Miss Lipsa

25-Aug-2021 05:38 PM

Wow

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