Gunjan Kamal

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अधूरे जज़्बात भाग :- २८ " आपकी खुशी की खातिर " अंतिम भाग

 भाग :- २८        " आपकी खुशी की खातिर "      अंतिम भाग 


गतांक से आगे 👇


महबूब का साथ , अपने हाथ में उसका हाथ और कहने के लिए उससे अपने दिल की बात यह सारा माहौल ही तो यहाॅं पर है'       सुजाॅय ने बालकनी का नजारा देखते ही मन में कहा

' यह मुझे किस धर्मसंकट में डाल रहें हो आप सुजाॅय ? मैं चाहकर भी आपके इस तरह के डेट की हकदार नहीं हूॅं आप पर मेरा नहीं बल्कि शिविका का हक है और इसकी हकदार भी वही है मेरी दोस्त ने मुझ पर बहुत अहसान किए हैं और अब उन अहसानों को चुकाने की मेरी बारी है मैं सुजाॅय के सामने कमजोर नहीं पड़ सकती किसी भी तरह मुझे अपने आप से इन्हें दूर करना ही पड़ेगा लगता है शिबू ने मेरे प्यार करने वाली बात इन्हें बता दी है तभी तो इतने आत्मविश्वास के साथ इन्होंने यह सारा इंतजाम कराया हैं मुझे इस बाजी को पलटने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा ।'  अरण्या अपनी सोच में गुम चुपचाप बैठी थी

' आप तो एकदम खामोश हो गई मिस अरण्या आपको यह डेट पसंद नहीं आई क्या ?सुजाॅय ने सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए कहा

' यहाॅं का खुबसूरत माहौल देख कर किस लड़की को खुशी नहीं होगी मैं खुश हूॅं लेकिन ....
कहते - कहते अरण्या चुप हो गई

' लेकिन क्या अरण्या जी ? आप एक बार कहकर तो देखिए मैं उसे ना करूं फिर आप मुझसे कहना ।'
सुजाॅय ने अरण्या का हाथ पकड़ कर कहा

अरण्या ने अपना हाथ  धीरे से पीछे खींच लिया और सुजाॅय से कहने लगी :- " मैं इससे भी अधिक खुश होती जब आप यह सब मेरे लिए नही बल्कि शिविका के लिए करते ।"

' आप कहना क्या चाहती है ? हम दोनों ही एक-दूसरे से प्यार करते हैं फिर हमारे बीच में यह शिविका कहाॅं से गई ?          सुजाॅय ने अरण्या की तरफ आश्चर्य से देखते हुए कहा

' आपसे यह शिविका ने कहा है ना कि मैं आपसे प्यार करती हूॅं मैंने खुद उसकी ऑंखो में आपके लिए प्यार देखा है और इसी बात को बाहर लाने के लिए मैंने उसे झूठ कहा था कि मैं आपसे प्यार करती हूॅं उसने मेरे झूठ को सच मान लिया और जाकर आपसे कह भी दिया मैं इस झूठ के लिए आपसे हाथ जोड़ कर माफ़ी माॅंगती हूॅं ।'  अरण्या ने हाथ जोड़कर कहा

' आपने झूठ कहा था ।' सुजाॅय ने अरण्या से पूछा

' हॅंसी - मज़ाक में मेरे मुॅंह से निकल गया था मुझे अगर पता होता कि यह बात आप तक पहुॅंच जाएंगी तो मैं इसे अपने मुॅंह से मजाक में भी नहीं  निकालती । आप खुद सोचिए ! अगर मुझे आपसे प्यार होता तो मैं इस बात को आपसे खुद कहती ना कि शिविका से कहलवाती ।'   अरण्या ने कहा

' आपको मुझसे प्यार नहीं ।'       सुजाॅय ने अरण्या की तरफ देखते हुए पूछा

' प्यार तो हो जाएगा हमारे देश में अभी भी ७५ प्रतिशत लोगों की शादी उनके माता-पिता तय करते हैं क्योंकि इसमें हमारे जीवनसाथी का चयन भावनाओं में आकर नहीं बल्कि अच्छी तरह सोच - विचार कर उन दोनों की बैकग्राउंड स्टेटस और उनकी पर्सनालिटी को ध्यान में रखते हुए की जाती हैं ऐसे में हम लड़के - लड़कियों को भी अपनी- अपनी फैमिली से भरपूर स्पोर्ट मिलता है जब हमारा हमारा जीवनसाथी हमारे परिवार की पसंद का होता है तो वें उन्हें भरपूर इज्जत तो देते ही हैं साथ ही जीवन के हर सख-दुख में उनका साथ भी देते हैं आप मुझे बताइए ! मेरे वर्तमान स्टेटस को देखकर आपके डैडी मुझे अपने घर की बहू सहर्ष स्वीकार कर लेंगे ? वह मुझे वही इज्ज़त और मान - सम्मान देंगे जो वह शिविका को देना चाहते है ? ।'      अरण्या ने समाज की सच्चाई सुजाॅय के सामने रखते हुए कहा

' हम दोनों मिलकर कुछ - ना - कुछ ऐसी तरकीब निकाल लेंगे जिससे कि डैडी हमारे रिश्ते को अपना लें और शिविका जी ने भी कहा है कि वह अपने पापा से बात करेंगी और इसका हल निकल ही जाएगा ।'
सुजाॅय ने कहा

' मुझे एक बार सिर्फ एक बार अपने पापा की तरफ से यकीन दिलवा दीजिए कि वह मेरे बैकग्राउंड स्टेटस की परवाह किए बिना मुझे आपकी पत्नी और अपनी बहू स्वीकार कर लेंगे , मैं आपसे प्यार भी करने लगूंगी और आपसे शादी भी करने के लिए तैयार हो जाऊंगी ।'       अरण्या ने सुजाॅय की तरफ देखते हुए कहा

सुजाॅय को गहरी सोच में और चुप देख कर अरण्या ने फिर से कहा :- " एक बार आप मेरे सामने अपने डैडी से हमारी बात फोन पर ही कीजिए उनका जों भी निर्णय होगा हम दोनों को मानना होगा क्योंकि कुछ बातें आज भी अगर हमारे माता-पिता तय करें वही हमारे  भविष्य के लिए सही होता है "

सुजाॅय ने अपने डैडी को फोन लगाया और जैसे ही उसने कहा कि वह शिविका से नहीं बल्कि किसी और लड़की से प्यार करता है सुजाॅय के डैडी ने पूछा कि वह किस बिजनेसमैन की बेटी है ?

सुजाॅय से लड़की के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद उन्होंने साफ मना कर दिया और अपने बेटे से कहा  :- " बेटे ! शादी तों तुम्हें शिविका से ही करनी होगी क्योंकि तुम्हारे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है शिविका के पिता और मैंने मिलकर आज ही पंडित जी को अपने घर पर बुलाया था तुम दोनों की शादी इसी महीने २८ तारीख है तुम्हें उस गरीब परिवार की लड़की से रिश्ता रखना है तो तुम शादी के बाद भी रख सकते हो, मेरी तरफ से कोई समस्या नहीं होगी तुम्हें तुम यह सब कर सकते हों क्योंकि ऐसा रिश्ता रखना तो हम जैसे रईसजादों की शान मानी जाती हैं .... सुजाॅय के डैडी और कुछ बोल ही रहें थे कि सुजाॅय ने फोन काट दिया

' मैं जानती थी कि आपके डैडी मेरे बैकग्राउंड स्टेटस को जानकर मेरी शादी आपसे नहीं होने देंगे और यही वजह है कि मैं आपसे प्यार नहीं कर सकती । आपको मेरी तरफ से " शादी की हार्दिक बधाई " । मैं तो पहले दिन से ही चाहती थी कि आपकी और मेरी दोस्त शिबू की शादी हो जाएं । एक तों आप और रईसजादों  जैसे नहीं हैं जो शादी के बाद भी दूसरी जगह मुॅंह मारते रहें और पत्नियां घर में रोती रहें दूसरे आपका और शिबू का बैकग्राउंड स्टेटस भी  एक जैसा है जिसके कारण मेरी शिबू आपके घर में वही इज्ज़त और मान - सम्मान पाएंगी जिसकी वह हकदार है  ।' अरण्या ने हल्की मुस्कुराहट के साथ कहा

' मैं शिविका जी से कैसे शादी कर सकता हूॅं ? ना तों मैं ही उन्हें प्यार करता हूॅं और ना ही वह मुझसे प्यार करती है ।'     सुजाॅय ने अरण्या की तरफ देखते हुए कहा

' आपको मालूम है शादी के बाद अपने जीवनसाथी  को जानना, समझना और उससे रोमांस करना यह सब काफी इंटरेस्टिंग होता है । साथ रहते हुए उनके बीच के यें खूबसूरत एहसास धीरे - धीरे प्यार का रूप ले लेते हैं और शादी का रिश्ता काफी मजबूत हो जाता है ऐसा मेरी माॅं कहती है साथ ही वह यह भी कहती है कि शादी तभी सफल होती है जब दो लोग एक - दूसरे से प्यार के साथ - साथ एक - दूसरे की इज्जत भी करते हैं एक शादी को खुशहाल बनाएं रखने के लिए अपने जीवनसाथी पर विश्वास करना बहुत जरूरी होता है । जहाॅं तक मुझे मालूम है आप और शिबू दोनों ही एक-दूसरे पर विश्वास करते हों और साथ ही एक - दूसरे की इज्जत भी करते हों एक-दूसरे की तारीफ भी करते हैं आप दोनों मुझे विश्वास है कि आप दोनों के रिश्तों में हमेशा ही मिठास बनी रहेगी और आप दोनों का शादी-शुदा जीवन सुखमय बना रहेगा जहाॅं तक प्यार की बात है  किसने आपसे कह दिया कि एक बार प्यार होने के बाद दुबारा प्यार नहीं किया जा सकता ? शिबू एक ऐसी लड़की है जो रिश्ते निभाने के लिए अपनी परवाह तक नहीं करती उसने मेरी मदद बारम्बार की है वह भी मुझे बिना बताए हुए उसकी वजह से ही कुछ ही दिनों में मैं अपने सपने को पूरा करने विदेश जा रही हूॅं वह अगर मेरी जिंदगी में नहीं होती तों मैं कभी भी यह दिन नहीं देख पाती जो आज देख पा रही हूॅं ।'   अरण्या ने कहा

सुजाॅय के चेहरे की खुशी गायब हो चुकी थी वह चुपचाप अरण्या की बातें सुनता जा रहा था उसकी हालत अरण्या के लिए असहनीय हो रही थी लेकिन वह क्या करती ?  ऐसा करना जरूरी था क्योंकि वह अपनी ऐसी दोस्त को प्यार नामक खुशी देना चाहती थी जिसने आज तक सिर्फ उसे दिया ही था और आज भी वह अपने प्यार जिसे उसने यह जानकर कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं को अपने दिल में दबा लिया था और सब-कुछ भुला कर हमारी खुशी के लिए त्याग कर रही थी

' अगर आपने मुझे एक पल के लिए भी सच्चा प्यार किया होगा तो मेरी बात को मानते हुए शिविका से शादी करेंगे और उसे हर वह खुशी देंगे जिसे आप मुझे देना चाहते थेअरण्या ने सुजाॅय की ऑंखो में देखते हुए कहा

अरण्या इस मौके को गंवाना नहीं चाहती थी इसलिए वह अपनी तरफ से हर वह कोशिश करना चाहती थी जिससे कि सुजाॅय उसकी दोस्त से शादी ही ना करें बल्कि उसे पत्नी का दर्जा देते हुए प्यार भी करें

' सच्चा प्यार क्या होता है और कैसे करते हैं यह तों मुझे अभी तक नहीं मालूम ? लेकिन  मैं आपसे इतना कह सकता हूॅं कि मैंने आज तक सिर्फ आपकी
खुशी ही चाही है आपकी खुशी के लिए ही पहले मैं चुप रहा , आपसे मैंने कुछ नहीं कहा और आज भी आपकी खुशी के लिए ही चुपचाप बैठा आपकी बातें सुन रहा हूॅं आप भले ही मुझे प्यार नहीं करती लेकिन मैं आपको जिंदगी भर प्यार करूंगा और आपकी खुशी के लिए मैं वह सबकुछ करूंगा जो आपने मुझसे कही है भले ही आज के बाद हमारा रिश्ता बेनाम रहें , हम एक-दूसरे से ना मिले , आपके लिए मेरे जज़्बात पूर्ण होकर भी अधूरे रहें लेकिन एक चीज है जो मैं कभी भी अधूरा नही छोड़ सकता और वह चीज है आपकी ख़ुशी ।'    सुजाॅय ने अरण्या की तरफ देखते हुए मुस्कुरा कर कहा

अरण्या की ऑंखें गीली होने लगी सुजाॅय से वह नजरें तक नहीं मिला पा रही थी आज तक उसने उसके जैसे लड़के को देखा नहीं था उसे अपनी किस्मत पर गुस्सा आने लगा जिसने उसे सुजाॅय से मिलवाया लेकिन उसकी किस्मत में लाना भूल गया

" आपको यहाॅं से कब जाना है अरण्या जी ?'
सुजाॅय ने अरण्या से पूछा

' अगले सप्ताह ।'  अरण्या ने धीरे से कहा

अरण्या द्वारा बोले गए ये शब्द बहुत ही मुश्किल से उसके कंठ द्वारा फूटे थे आज वह अपने आप को एक थका और हारा हुआ खिलाड़ी महसूस कर रही थी लेकिन इस थकावट और हार को इस वक्त उसे सुजाॅय से छुपाना था जिसका प्रयत्न वह कर भी रही थी

' इसका मतलब है कि आप अपने बेस्ट फ्रेंड की शादी में शामिल नहीं होंगी ?' सुजाॅय ने अरण्या से पूछा

' मेरा बहुत मन था कि मैं आप दोनों की शादी में शरीक हूॅं लेकिन क्या करूं ? मैं २८ तारीख तक नहीं रूक सकती क्योंकि मुझे अगले सप्ताह ही काॅलेज में एडमिशन करवानी है जिसके लिए मेरा इसी सप्ताह जाना जरूरी है'   अरण्या ने जवाब दिया

' मैं समझ सकता हूॅं आपके लिए यह कितना जरूरी है आपके लिए ईश्वर से एक ही प्रार्थना रहेगी कि आप हमेशा खुश रहे और अपने सपनों को पूरी करती रहें अब मैं चलता हूॅं , जाने से पहले किसी बात के लिए मेरी जरूरत पड़े तो प्लीज़ आप मुझे काॅल कर लीजिएगा मेरा मोबाइल नंबर आपकी दोस्त शिविका के पास है ही आप उनसे लेकर मुझे काॅल कर सकती है ।'   सुजाॅय ने कहा

' मैं आप दोनों की जिंदगी से हमेशा के लिए जा रही हूॅं और कोशिश करूंगी कि आप दोनों से कभी नहीं मिलूं क्योंकि हम तीनों के लिए यही बेहतर होगा कि आज के बाद कम से कम तुम और मैं इस जिंदगी में कभी नहीं मिलें ।' अरण्या ने अपने आप से कहा

सुजाॅय आगे - आगे और अरण्या उसके पीछे - पीछे चल रही थी । दरवाजे पर खड़ी अरण्या , सुजाॅय को अपने घर , अपनी जिंदगी और यहाॅं तक कि अपने दिल से दूर जाते हुए देखकर भी कुछ कर नहीं पा रही थी

    ########## " समाप्त "##########

                                               धन्यवाद 🙏🏻🙏🏻

" गुॅंजन कमल " 💗💞💓

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12 Comments

Chirag chirag

02-Dec-2021 09:22 PM

Nice part

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Zaifi khan

30-Nov-2021 06:15 PM

Nice

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Ammar khan

30-Nov-2021 11:36 AM

Nice story

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