शिक्षा (वीर रस)

149 भाग

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149…. शिक्षा (वीर रस) भरी पड़ी शिक्षा से जगती, भरे पड़े हैं तीनों लोक। सकल सृष्टि यह विद्यालय है, यहां शोक है और अशोक। कण कण देता ज्ञान यहां पर, लेनेवाला ...

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