पारलौकिक संपदा

151 भाग

226 बार पढा गया

9 पसंद किया गया

*पारलौकिक संपदा* कोमल भाव प्रधान मन,है आध्यात्मिक रूप। इसके आगे हीन हैं, बड़े बड़े नर भूप।। ईश्वर ने जो भी दिया,हो उस पर विश्वास। जो ईश्वर को मानता,होता नहीं उदास।। ईश्वर ...

अध्याय

×