इसबार इश्क के सारे निशां मिटाकर गयी हैं वो ,

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इसबार इश्क के सारे निशां मिटाकर गयी हैं वो , चीरकर दिल तड़पता ठुकराकर गयी हैं वो! घोंपक खंजर दिल में मरा जानकर गयी है, हाथों से कत्ल के सबूत मिटाकर ...

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