कमज़ोर कहां हो तुम नारी

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कमज़ोर कहां हो तुम नारी  नारी तू नारायणी तू शक्ति स्वरूपा । तू जगत जननी श्रृष्टि आधार ।। मत आँसुओ तले खुद को धो । ये जो आँसू का सैलाब पास ...

अध्याय

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