दोहे (अष्टावक्र-जनक-संवाद)1

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*दोहे*(अष्टावक्र-जनक-संवाद)1 पूछे अष्टावक्र से,नृप अति वृद्ध विदेह। ज्ञान-मुक्ति-वैराग्य का,पाएँ कैसे नेह?? विषय-भोग विष इव तजें,अमिय क्षमा-संतोष। बोले अष्टावक्र दे,मुक्ति-ज्ञान का कोष ।। अवनि-अनल-पावक-पवन,वपु-निर्माणक-तत्त्व। आत्मा बस चैतन्य जग,मुक्ति-मार्ग शुचि-सत्व।। वपु से होकर ...

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