कालवाची--प्रेतनी रहस्य--भाग-(६१)

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अब चन्द्रकला देवी राजमहल वापस आ गईं थीं और जब उनकी भेंट गिरिराज से हुई तो वें उससे बोलीं.... "पुत्र! ये तुमने ठीक नहीं किया,तुमने तो धंसिका से प्रेमविवाह किया था,तब ...

अध्याय

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