काश । लेखनी प्रतियोगिता -25-May-2023

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काश मैं रख पाता खुद को , आइने की उस परत पर, जो दिखलाती है चेहरा मेरा । फिर मैं देख पाता कि मैं क्या हूं, मैं क्यों हूं ऐसा क्यों ...

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